ज़रुरत है जागने की, भ्रष्टाचार को मिटाने की ---- सारा सच

ज़रुरत है जागने की, भ्रष्टाचार को मिटाने की ..... सरकारी हॉस्पिटल मे मरीजो के लिए जो खाना आता है वो सारा मरीजो को नहीं मिलता, मिलता है तो वो वहां वार्ड मे खाना लाने वाले कर्मचारियों को. मरीजो को केवल आधा ही मिलता है और बाकि स्टाफ के लोग खुद ही खा लेते है. यही नहीं खाना बचाकर वह अपने घर बांध कर ले जाते है. मरीजो के लिए को जो दूध दिया जाता है, वो भी बचाकर अपने घर ले जाते है. और कैंटीन मे काम करने वालो का तो क्या कहना अपने घर का आधा राशन तो वो लोग कैंटीन से ही ले जाते है. कोई देखने वाला नहीं है, मरीजो और उनके मिलने आने वालो को रोकने के लिए तो गार्ड लगा रखें है, परन्तु इस चोरी को रोकने के लिए कोई भी नहीं....

आज ज़रुरत है जागने की, भ्रष्टाचार को मिटाने की....

36 comments:

Patali-The-Village said...

सभी सरकारी महकमों का जहा भी खाना मिलता है यह ही हाल है इस तरफ ध्यान देने की जरुरत है|

Sunil Kumar said...

सार्थक पोस्ट,भ्रष्टाचार की जड़ों का काटना होगा कुछ लोग तो इसकी छाया में ही जी रहे हैं |

Deepak Saini said...

किस से शिकायत करे जब सी0एम0ओ0 भी मेडीकल सर्टिफिकट के 50 रू0 लेता है।

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

Bahut afsosjanak hai yah sab..... Sach me jagruk hone ki zaroorat hai...

Kailash C Sharma said...

भ्रष्टाचार की जड हरेक विभाग में जमी हुई है..व्यवस्था में आमूल परिवर्तन के बिना कुछ नहीं हो सकता.

Dr (Miss) Sharad Singh said...

सटीक बात...जागना ही होगा...

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

भ्रष्टाचारियों के मुंह पर तमाचा, जन लोकपाल बिल पास हुआ हमारा.

बजा दिया क्रांति बिगुल, दे दी अपनी आहुति अब देश और श्री अन्ना हजारे की जीत पर योगदान करें

आज बगैर ध्रूमपान और शराब का सेवन करें ही हर घर में खुशियाँ मनाये, अपने-अपने घर में तेल,घी का दीपक जलाकर या एक मोमबती जलाकर जीत का जश्न मनाये. जो भी व्यक्ति समर्थ हो वो कम से कम 11 व्यक्तिओं को भोजन करवाएं या कुछ व्यक्ति एकत्रित होकर देश की जीत में योगदान करने के उद्देश्य से प्रसाद रूपी अन्न का वितरण करें.

महत्वपूर्ण सूचना:-अब भी समाजसेवी श्री अन्ना हजारे का समर्थन करने हेतु 022-61550789 पर स्वंय भी मिस्ड कॉल करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. पत्रकार-रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना हैं ज़ोर कितना बाजू-ऐ-कातिल में है.

Tarkeshwar Giri said...

Rag rag main basa hai bhrashtachar

GirishMukul said...

जी मैने भी दिये है

Shah Nawaz said...

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में हम भी आपके साथ हैं... बहुत ही गंभीर मुद्दा उठाया है आपने...

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

स्वयं ही आगे आना पड़ेगा!

आकाश सिंह said...

आपका ये पोस्ट सभी को पढनी चाहिए आपने तो पोल खोल कर दी है सरकारी हॉस्पिटल में होनेवाली धांधली की |
अच्छी रचना के लिए धन्यवाद |
www.akashsingh307.blogspot.com

DR. ANWER JAMAL said...

आपने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में साथ दीजिए । हमने दो जगह पोस्ट बनाकर आपका और आपके मकसद का परिचय कराया और आपको पिछली पोस्ट पर लिंक भी दिए लेकिन आप देखने भी न आए , क्यों ?
यह पोस्ट भी अच्छी है , सच सारा बताती है ।

DR. ANWER JAMAL said...

जो कोई भी जुल्म के खि़लाफ़ आवाज़ उठाता है, हम उसके साथ हैं। अल्लाह ने हमारी यही ड्यूटी लगाई है। यहां भी देखें

http://hinditwitter.blogspot.com/2011/04/sara-sach.html

http://vedkuran.blogspot.com/2011/04/save-youself.html

Patali-The-Village said...

रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ|

G.N.SHAW said...

अँधेरी नगरी चौपट राजा फिर क्या कहना.....जागते रहो..जागते रहो

अरुण चन्द्र रॉय said...

सार्थक पोस्ट,भ्रष्टाचार की जड़ों का काटना होगा कुछ लोग तो इसकी छाया में ही जी रहे हैं |

***Punam*** said...

सारा सच ...
सबकुछ सच ..
बिलकुल सच ही सच ..!!
आपके सारे पोस्ट पूरी सच्चाई बयां करते हैं ..
सार्थक रचनाओं के लिए आभार ..!!

Dr. shyam gupta said...

""Rag rag main basa hai bhrashtachar---"" सुन्दर...

--सवाल है किसकी नस नस में ---नस तो आदमी की ही होती है....हम सब भ्रष्टाचारी हैं...
--कैलश जी व्यवस्था तो जड वस्तु है उसकी तो नस होती ही नही--व्यवस्था तो व्यक्ति से चलती है..--वास्तव में व्यवस्था नहीं व्यक्ति/हम भरष्ट हैं स्वयं को बदलना पडेगा.....

akhtar khan akela said...

saaraa sch ne saaraa sch hi ujaagar kar diyaa . akhtar khan akela

अभिषेक मिश्र said...

सारा सच बताती पोस्ट.

Sujit Kumar Lucky said...

भ्रष्टचार का मतलब बस सरकार और नेताओ के लेन देन को ही लोग समझते है ! जबकि इसका प्रारंभ से पराकाष्ठा के पीछे हम खुद है ! कार्यस्थल से लेके आम जीवन की होने वाले घटनाओ में जो हम गलत कर रहे वो भी भ्रष्टचार ही है .. बस कही अर्थ का भ्रष्टचार है , कहीं विचारों का ..और भगत सिंह किसी को कहने की जरुरत नही ! ये तो एक सुलगता विचार है बस इस सब में तुम में .मुझ में जिन्दा रहने दे ! !=>"एक प्रगतिशाल चिंतन के लिए जरुरी है - विरोध ! !"

श्याम सखा 'श्याम' said...

कॉमन वेल्थ,जी २ स्पेक्ट्रम घोटाले से बड़ा घोटाला जिस पर कोई उंगली नही उठा रहा

एक ही शहर एक ही मकान में रह रहे सरकारी कर्मचारी [ जो दम्पति हैं] दोनो ही न केवल दोहरा मकानकिराया सरकार से किराये भत्ते के रूप में ले रहे हैं वरन कई अलग भत्ते भी दोहरे ले रहे हैं अगर इसकी जांच की जाए तो हजारों करोड़ रु की बचत सरकारी खजाने में आ जाएगी,ऐसे अनेक छिद्र हैं हमारी व्यवस्था में।

आशा said...

सार्थक रचना बधाई |मेरी रचनाएँ पढ़ने के लिए आभार |

Sawai Singh Rajpurohit said...

"सुगना फाऊंडेशन जोधपुर" "हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम" "ब्लॉग की ख़बरें" और"आज का आगरा" ब्लॉग की तरफ से सभी मित्रो और पाठको को " "भगवान महावीर जयन्ति"" की बहुत बहुत शुभकामनाये !

सवाई सिंह राजपुरोहित

JHAROKHA said...

sara sach ji
sabhi jaghon ka yahi haal hai.koi bhi xhetr isse bacha nahi hai.aapne bilkul sach likha hai jab tak ham sachet nahi honge paisa khane v khila-kar apna kaam nilwaane walo kia ye kram aise hi chalta rahega.iske liye ham sab ko milkar ek jut hona padega.
bahut bahut sarthak avam sachchai ko bayan kartipost.
behad badhiya prastuti
poonam

Kunwar Kusumesh said...

काम मुश्किल है, अन्ना हजारे जी ने रोशनी की किरण तो दिखाई है.देखिये आगे क्या होता है.Let us be hopeful.

Dr Varsha Singh said...

सहमत हूं आपसे....
बहुत अच्छा मुद्दा उठाया आपने ------- हार्दिक आभार |

vishwajeetsingh said...

आपका विचार चिंतनीय हैं , हमें जाग्रत होकर भ्रष्टाचार के विरूद्ध संगठित होकर संघर्ष स्वयं के द्वारा शुरू करना होगा ।

Dr.J.P.Tiwari said...

vicharniy post. Jagrukta ko badhanewala aur sachchaai ko ujakar karta post . Badhaai, sote huyon ko jagane ke liye..

Suman said...

nice

तीसरी आंख said...

आपका विचार सही है, पूरे सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत है

अरुण चन्द्र रॉय said...

भ्रष्टाचार की जड हरेक विभाग में जमी हुई है..व्यवस्था में आमूल परिवर्तन के बिना कुछ नहीं हो सकता.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी बात सही है!

Apanatva said...

poorn sahmati aapse .
aabhar

Apanatva said...

poorn sahmati aapse .
aabhar